الإثنين 26 سبتمبر 2022
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بغداد

لا‌ ‌يعطي‌ ‌ ‌

عنوان‌ ‌مقالي‌ ‌كان‌ ‌سببا‌ ‌في‌ ‌إقصاء‌ ‌واستبعاد‌ ‌خبير‌ ‌بحجم‌ ‌جبار‌ ‌اللعيبي‌ ‌،هذه‌ ‌الكلمة‌ ‌)لا‌ ‌يعطي(قالها‌ ‌احد‌ ‌زعماء‌ ‌الكتل‌ ‌
السياسية‌ ‌لدى‌ ‌عرض‌ ‌اسم‌ ‌جبار‌ ‌اللعيبي‌ ‌كمرشح‌ ‌وحيد‌ ‌لإدارة‌ ‌حقيبة‌ ‌وزارة‌ ‌النفط‌ ‌في‌ ‌الحكومة‌ ‌الحالية‌ ‌،هذا‌ ‌الزعيم‌ ‌تمكن‌ ‌
من‌ ‌أبعاد‌ ‌اللعيبي‌ ‌وهنا‌ ‌لابد‌ ‌من‌ ‌إظهار‌ ‌جملة‌ ‌من‌ ‌الحقائق‌ ‌ليطلع‌ ‌عليها‌ ‌الشعب‌ ‌العراقي:‌ ‌
اولا‌ ‌_ان‌ ‌كثير‌ ‌من‌ ‌المشاريع‌ ‌التي‌ ‌تحاول‌ ‌الحكومة‌ ‌الحالية‌ ‌مجتمعة‌ ‌ومتفردة‌ ‌اظهارها‌ ‌على‌ ‌انها‌ ‌انجازات‌ ‌تحسب‌ ‌لها‌ ‌
لاسيما‌ ‌في‌ ‌مجال‌ ‌الطاقة‌ ‌هي‌ ‌نتائج‌ ‌لمشاريع‌ ‌باشر‌ ‌بها‌ ‌جبار‌ ‌اللعيبي‌ ‌عندما‌ ‌تسلم‌ ‌حقيبة‌ ‌وزارة‌ ‌النفط‌ ‌في‌ ‌حكومة‌ ‌العيادي‌ ‌
تلك‌ ‌الفترة‌ ‌التي‌ ‌لم‌ ‌تتجاوز‌ ‌السنتين‌ ‌ومع‌ ‌ذلك‌ ‌شهدت‌ ‌نهوض‌ ‌الوزارة‌ ‌بمشاريع‌ ‌عملاقه‌ ‌لاسيما‌ ‌في‌ ‌مجال‌ ‌صناعة‌ ‌الغاز‌ ‌
وإيقاف‌ ‌حرقه‌ ‌ ‌
ثانيا‌ ‌_ان‌ ‌الوزير‌ ‌الذي‌ ‌جاء‌ ‌بعد‌ ‌جبار‌ ‌اللعيبي‌ ‌حاول‌ ‌تجيير‌ ‌انجازات‌ ‌اللعيبي‌ ‌لمصلحته‌ ‌وقد‌ ‌نجح‌ ‌في‌ ‌تحقيق‌ ‌ذلك‌ ‌عند‌ ‌
العوام‌ ‌من‌ ‌الناس‌ ‌الا‌ ‌انه‌ ‌لم‌ ‌ينجح‌ ‌في‌ ‌تجييرها‌ ‌تلك‌ ‌الإنجازات‌ ‌لدى‌ ‌المختصين‌ ‌بمجال‌ ‌النفط‌ ‌والغاز‌ ‌ ‌
ثالثا‌ ‌_ان‌ ‌الحديث‌ ‌عن‌ ‌تفعيل‌ ‌مشاريع‌ ‌الطاقة‌ ‌النظيفة‌ ‌لم‌ ‌يكن‌ ‌من‌ ‌اختراع‌ ‌لا‌ ‌الوزير‌ ‌الحالي‌ ‌ولا‌ ‌من‌ ‌كان‌ ‌قبله‌ ‌فهو‌ ‌من‌ ‌افكار‌ ‌
اللعيبي‌ ‌وقد‌ ‌عقدت‌ ‌ندوات‌ ‌ومؤتمرات‌ ‌داخلية‌ ‌وخارجية‌ ‌لتنشيط‌ ‌هذا‌ ‌القطاع‌ ‌غير‌ ‌انه‌ ‌لم‌ ‌يكن‌ ‌مهتما‌ ‌كثيرا‌ ‌بالتحدث‌ ‌
لوسائل‌ ‌الإعلام‌ ‌وبعبارةاخرى‌ ‌انه‌ ‌كان‌ ‌يعمل‌ ‌فقط‌ ‌ليفهمه‌ ‌الناس‌ ‌والمجتمع‌ ‌ ‌
رابعا‌ ‌_لم‌ ‌تخرج‌ ‌وزارة‌ ‌النفط‌ ‌للشارع‌ ‌لترى‌ ‌وتعالح‌ ‌احتياحات‌ ‌الناس‌ ‌الا‌ ‌في‌ ‌وزارة‌ ‌اللعيبي‌ ‌حيث‌ ‌وضعت‌ ‌خطط‌ ‌طموحة‌ ‌
لتطوير‌ ‌البنى‌ ‌التحتيه‌ ‌في‌ ‌أغلب‌ ‌المدن‌ ‌منها‌ ‌اكساء‌ ‌الشوارع‌ ‌وإقامة‌ ‌جسور‌ ‌غير‌ ‌انها‌ ‌توقفت‌ ‌لاحقا‌ ‌لاسباب‌ ‌شخصية‌ ‌من‌ ‌
قبل‌ ‌الوزير‌ ‌التالي‌ ‌ ‌
خامسا‌ ‌_حينما‌ ‌قال‌ ‌زعيم‌ ‌الكتلة‌ ‌انه‌ ‌الوزير‌ ‌لا‌ ‌يعطي‌ ‌لم‌ ‌نسمع‌ ‌او‌ ‌نرى‌ ‌رد‌ ‌فعل‌ ‌لا‌ ‌من‌ ‌القوى‌ ‌الإسلامية‌ ‌ولا‌ ‌العلمانية‌ ‌
ونخص‌ ‌بالذكر‌ ‌سناحة‌ ‌السيد‌ ‌مقتدى‌ ‌الصدر‌ ‌على‌ ‌اعتبار‌ ‌انه‌ ‌راعي‌ ‌الإصلاح‌ ‌وحامل‌ ‌لوائه‌ ‌وهو‌ ‌أمر‌ ‌محبط‌ ‌وغير‌ ‌مفهوم‌ ‌ ‌

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